Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222 भारतीय हलधर किसान यूनियन राष्ट्रीय अध्यक्ष — धीरेंद्र सोलंकी किसानों की समस्याओं एवं सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर भारतीय हलधर किसान यूनियन ने उठाई आवाज 1. नमामि गंगे प्रोजेक्ट में जैविक खेती के नाम पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप जनपद कासगंज में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 1650 हेक्टेयर भूमि को इस परियोजना के हिसाब से पूर्ण रूप से जैविक बताया जा रहा है तथा वहां का उत्पादन भी जैविक होने का दावा किया जा रहा है। भारतीय हलधर किसान यूनियन का आरोप है कि यदि उक्त भूमि एवं उत्पादन वास्तव में पूर्ण रूप से जैविक है, तो किसानों को सरकारी समितियों के माध्यम से खाद खरीदने के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में कृषि एवं किसानों की वास्तविक स्थिति पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। यूनियन का कहना है कि यदि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रदेश के लगभग 27 जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच एवं धरातलीय समीक्षा कराई जानी चाहिए। किसान संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित समितियों एवं अधिकारियों की कार्यप्रणाली की उचित जांच न होने के कारण किसानों के हित प्रभावित हो रहे हैं। 2. पॉली हाउस, नेट हाउस एवं एग्री-नर्सरी योजना में अनुदान को लेकर किसानों की शिकायत पॉली हाउस, नेट हाउस एवं एग्री-नर्सरी से संबंधित हॉर्टिकल्चर विभाग की योजनाएं किसानों के लिए बेहद उपयोगी एवं लाभकारी हैं। किसानों का आरोप है कि योजना की शुरुआत में पात्र किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन जानकारी बढ़ने के बाद अनुदान को घटाकर लगभग 35 प्रतिशत किए जाने से किसानों को नुकसान हो रहा है। भारतीय हलधर किसान यूनियन का आरोप है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी है तथा किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। यूनियन ने मांग की है कि योजना में मिलने वाले अनुदान, लाभार्थियों के चयन और भुगतान की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। 3. खाद की कीमतों में कथित अनियमितता किसानों का यह भी आरोप है कि सरकारी एवं निजी क्षेत्र में उपलब्ध यूरिया खाद की निर्धारित कीमत लगभग ₹267 प्रति बोरी है, जबकि किसानों को कई स्थानों पर लगभग ₹450 प्रति बोरी तक में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। भारतीय हलधर किसान यूनियन का आरोप है कि संबंधित जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि एवं थोक विक्रेताओं की मिलीभगत से किसानों का शोषण किया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि जब किसान इस संबंध में शिकायत करते हैं तो कार्रवाई छोटे दुकानदारों तक सीमित कर दी जाती है और बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। भारतीय हलधर किसान यूनियन की मांग यूनियन सरकार से मांग करती है कि उपरोक्त सभी मामलों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए, भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी के सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए। किसान हित में आवाज उठाना ही भारतीय हलधर किसान यूनियन का संकल्प है। जारीकर्ता धीरेंद्र सोलंकी राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय हलधर किसान यूनियन Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222

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Tringel News Lucknow 
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भारतीय हलधर किसान यूनियन
राष्ट्रीय अध्यक्ष — धीरेंद्र सोलंकी
किसानों की समस्याओं एवं सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं को लेकर भारतीय हलधर किसान यूनियन ने उठाई आवाज
1. नमामि गंगे प्रोजेक्ट में जैविक खेती के नाम पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप
जनपद कासगंज में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 1650 हेक्टेयर भूमि को इस परियोजना के हिसाब से पूर्ण रूप से जैविक बताया जा रहा है तथा वहां का उत्पादन भी जैविक होने का दावा किया जा रहा है।
भारतीय हलधर किसान यूनियन का आरोप है कि यदि उक्त भूमि एवं उत्पादन वास्तव में पूर्ण रूप से जैविक है, तो किसानों को सरकारी समितियों के माध्यम से खाद खरीदने के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में कृषि एवं किसानों की वास्तविक स्थिति पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
यूनियन का कहना है कि यदि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रदेश के लगभग 27 जिलों में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच एवं धरातलीय समीक्षा कराई जानी चाहिए। किसान संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित समितियों एवं अधिकारियों की कार्यप्रणाली की उचित जांच न होने के कारण किसानों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
2. पॉली हाउस, नेट हाउस एवं एग्री-नर्सरी योजना में अनुदान को लेकर किसानों की शिकायत
पॉली हाउस, नेट हाउस एवं एग्री-नर्सरी से संबंधित हॉर्टिकल्चर विभाग की योजनाएं किसानों के लिए बेहद उपयोगी एवं लाभकारी हैं। किसानों का आरोप है कि योजना की शुरुआत में पात्र किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने की व्यवस्था थी, लेकिन जानकारी बढ़ने के बाद अनुदान को घटाकर लगभग 35 प्रतिशत किए जाने से किसानों को नुकसान हो रहा है।
भारतीय हलधर किसान यूनियन का आरोप है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी है तथा किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। यूनियन ने मांग की है कि योजना में मिलने वाले अनुदान, लाभार्थियों के चयन और भुगतान की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
3. खाद की कीमतों में कथित अनियमितता
किसानों का यह भी आरोप है कि सरकारी एवं निजी क्षेत्र में उपलब्ध यूरिया खाद की निर्धारित कीमत लगभग ₹267 प्रति बोरी है, जबकि किसानों को कई स्थानों पर लगभग ₹450 प्रति बोरी तक में खाद उपलब्ध कराई जा रही है।
भारतीय हलधर किसान यूनियन का आरोप है कि संबंधित जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि एवं थोक विक्रेताओं की मिलीभगत से किसानों का शोषण किया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि जब किसान इस संबंध में शिकायत करते हैं तो कार्रवाई छोटे दुकानदारों तक सीमित कर दी जाती है और बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
भारतीय हलधर किसान यूनियन की मांग
यूनियन सरकार से मांग करती है कि उपरोक्त सभी मामलों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए, भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी के सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
किसान हित में आवाज उठाना ही भारतीय हलधर किसान यूनियन का संकल्प है।
जारीकर्ता
धीरेंद्र सोलंकी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारतीय हलधर किसान यूनियन
Sanjay Agarwal 
Tringel News Lucknow 
8574663222






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