Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 8574663222 लखनऊ में राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन का भव्य आयोजन, जन-जन के वाल्मीकि के संदेश के साथ हुआ स्वागत एवं अभिनंदन लखनऊ, 27 सितंबर 2026। राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं वाल्मीकि समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह, लखनऊ में आयोजित सम्मेलन के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथियों एवं सम्मानित जनों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर में महर्षि वाल्मीकि के साथ-साथ सामाजिक समरसता एवं समानता का संदेश देने वाले महापुरुषों के चित्र प्रदर्शित किए गए। सम्मेलन में समाज की एकजुटता, सामाजिक सम्मान, शिक्षा और अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को संगठित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को महर्षि वाल्मीकि के विचारों एवं उनके योगदान से परिचित कराने का कार्य करते हैं। सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया तथा अतिथियों एवं पदाधिकारियों का स्वागत किया। सम्मेलन में “जन-जन के वाल्मीकि” के संदेश को प्रमुखता से सामने रखा गया। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow 8574663222
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लखनऊ में राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन का भव्य आयोजन, जन-जन के वाल्मीकि के संदेश के साथ हुआ स्वागत एवं अभिनंदन
लखनऊ, 27 सितंबर 2026। राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं वाल्मीकि समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह, लखनऊ में आयोजित सम्मेलन के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथियों एवं सम्मानित जनों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर में महर्षि वाल्मीकि के साथ-साथ सामाजिक समरसता एवं समानता का संदेश देने वाले महापुरुषों के चित्र प्रदर्शित किए गए।
सम्मेलन में समाज की एकजुटता, सामाजिक सम्मान, शिक्षा और अधिकारों से जुड़े विषयों पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को संगठित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को महर्षि वाल्मीकि के विचारों एवं उनके योगदान से परिचित कराने का कार्य करते हैं। सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया तथा अतिथियों एवं पदाधिकारियों का स्वागत किया। सम्मेलन में “जन-जन के वाल्मीकि” के संदेश को प्रमुखता से सामने रखा गया।
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