Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222 साहित्यकार पंकज कृष्ण को ‘कृति और कृतिकार संवाद-दशम’ में किया गया सम्मानित लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026। राजधानी लखनऊ में 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के अवसर पर आयोजित ‘कृति और कृतिकार संवाद-दशम’ कार्यक्रम में साहित्यकार श्री पंकज कृष्ण को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए ‘कृति और कृतिकार सम्मान’ से सम्मानित किया गया। श्री पंकज कृष्ण लखनऊ के साहित्यकार हैं। उनकी कृति ‘क्रोध और कर्म’ के माध्यम से उन्होंने हिंदी साहित्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम में उनके साहित्यिक अवदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। यह सम्मान समारोह 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में आयोजित 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष महेंद्र भीष्म, संयोजक अनिल उपाध्याय एवं डॉ. सत्या सिंह सहित अन्य साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्यकारों की रचनात्मक प्रतिभा को सम्मानित करना तथा हिंदी साहित्य के प्रति लोगों की रुचि को प्रोत्साहित करना रहा। इस प्रकार के आयोजन साहित्य और साहित्यकारों को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Sanjay Agarwal Tringel News Lucknow 8574663222

Sanjay Agarwal 

Tringel News Lucknow 

8574663222

साहित्यकार पंकज कृष्ण को ‘कृति और कृतिकार संवाद-दशम’ में किया गया सम्मानित

लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026। राजधानी लखनऊ में 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के अवसर पर आयोजित ‘कृति और कृतिकार संवाद-दशम’ कार्यक्रम में साहित्यकार श्री पंकज कृष्ण को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए ‘कृति और कृतिकार सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

श्री पंकज कृष्ण लखनऊ के साहित्यकार हैं। उनकी कृति ‘क्रोध और कर्म’ के माध्यम से उन्होंने हिंदी साहित्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम में उनके साहित्यिक अवदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

यह सम्मान समारोह 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के बलरामपुर गार्डन में आयोजित 23वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष महेंद्र भीष्म, संयोजक अनिल उपाध्याय एवं डॉ. सत्या सिंह सहित अन्य साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्यकारों की रचनात्मक प्रतिभा को सम्मानित करना तथा हिंदी साहित्य के प्रति लोगों की रुचि को प्रोत्साहित करना रहा। इस प्रकार के आयोजन साहित्य और साहित्यकारों को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Sanjay Agarwal 

Tringel News Lucknow 

8574663222


Comments