Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow लखनऊ लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के जन्म दिवस पर एक भव्य गोष्ठी का आयोजन जेपी वाहिनी के अध्यक्ष के सी जैन एडवोकेट नेता प्रवक्ता भाजपा के द्वारा राय उमानाथ बाली प्रक्षाग्रह, भातखंडे यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया । कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में बृजेश पाठक उपमुख्यमंत्री मौजूद रहे साथ ही परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे व कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित द्वारा की गई, इसके साथ ही मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बैजनाथ रावत अध्यक्ष एससी एसटी आयोग बृजेंद्र पाल सिंह (लोक भारती )प्रो. जेपी सैनी कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय ,दानिश आजाद मंत्री, पवन सिंह एमएलसी रामचंद प्रधान एमएलसी,हरीश श्रीवास्तव प्रवक्ता भाजपा, दयाशंकर दुबे अशोक पांडे ,ए एम त्रिपाठी एडवोकेट हाई कोर्ट, नईम ,गणमान्य अतिथियों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की वंदना व मुख्य अतिथि बृजेश पाठक एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ मंच पर उपस्थित बृजेश पाठक, दयाशंकर सिंह व अन्य अतिथियों का स्वागत के .सी .जैन अध्यक्ष जेपी वाहिनी द्वारा अंग वस्त्र भेंट कर व माल्यार्पण कर किया गया, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बृजेश पाठक ने आयोजित गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए कहा कि जयप्रकाश ने दो तरह की लड़ाइयां लड़ी एक लड़ाई उन्होंने भारत देश की आजादी के लिए लड़ी तो दूसरी लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ी उन्होंने कभी भी अपने विचारों से सत्ता में बैठे हुए लोगों के साथ समझौता नहीं किया और जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी द्वारा लगातार जनता का शोषण हो रहा था तब उन्होंने सत्ता के खिलाफ जाकर लड़ाई लड़ी और परिणाम स्वरूप इंदिरा जी द्वारा आपातकाल लगा दिया गया और जब आपातकाल खत्म हुआ और चुनाव हुआ तो आखिर में इन आपातकाल सेनानियों की जीत हुई और इंदिरा जी को सत्ता से हाथ धोना पड़ा, साथ ही कार्यक्रम आयोजन के .सी .जैन एडवोकेट की इस बात के लिए सराहना की कि लगातार जेपी जी को उनके द्वारा याद किया जाता है और इस तरह की विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाता है कार्यक्रम में लोकनायक "जयप्रकाश नारायण एक स्वतंत्रता सेनानी व लोकतंत्र के सजक प्रहरी (आपातकालीन )"विषय पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता बेजनाथ रावत अध्यक्ष एससी एसटी आयोग ने अपने विचार रखते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण हमेशा जनता की लड़ाई लड़ते रहे और इंदिरा गांधी की भ्रष्ट व तानाशाही सरकार के खिलाफ पटना के गांधी मैदान में उनके आहवाहन पर जनता इकट्ठा हुई उससे तत्कालीन इंदिरा जी की सरकार की न्यू हिल गई और 26 जून 1975 को उन्होंने आपातकाल की घोषणा कर दी, कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार रखे, कार्यक्रम के आयोजन /संयोजक के सी जैन एडवोकेट ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण कभी भी सत्ता लोलुप नहीं रहे उनको कई बार सरकार में बड़े पदों का ऑफर दिया गया यहां तक एक बार उन्हें राष्ट्रपति पद पर भी बैठने के लिए विचार बने, और और आपातकाल के बाद जब पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी तब भी उन्होंने सत्ता में कोई भी पद लेने से इनकार कर दिया वह राजनीति में एक बात ऐसे व्यक्ति रहे है जिन्होंने तीन तरह की लड़ाइयां लड़ी एक तो भारत देश की स्वतंत्रता संग्राम की और दूसरी विनोबा भावे जी के साथ मिलकर भूदान आंदोलन में शामिल रहे और उसके बाद जब स्वतंत्र देश की सत्ता भ्रष्ट हुई तो उसके खिलाफ आपातकालीन आंदोलन में भी शामिल रहे। कार्यक्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारत दीक्षित जी ने सबका धन्यवाद ज्ञापित किया। Sanjay Agrawal Tringel News Lucknow


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लखनऊ  लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के जन्म दिवस पर एक भव्य गोष्ठी का आयोजन जेपी वाहिनी के अध्यक्ष के सी जैन एडवोकेट नेता प्रवक्ता भाजपा के द्वारा राय उमानाथ बाली प्रक्षाग्रह, भातखंडे यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया । कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में बृजेश पाठक उपमुख्यमंत्री मौजूद रहे साथ ही परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे व कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित द्वारा की गई, इसके साथ ही मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बैजनाथ रावत अध्यक्ष एससी एसटी आयोग बृजेंद्र पाल सिंह (लोक भारती )प्रो. जेपी सैनी कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय ,दानिश आजाद मंत्री, पवन सिंह एमएलसी रामचंद प्रधान एमएलसी,हरीश श्रीवास्तव प्रवक्ता भाजपा, दयाशंकर दुबे अशोक पांडे ,ए एम त्रिपाठी एडवोकेट हाई कोर्ट, नईम ,गणमान्य अतिथियों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।

 कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की वंदना व मुख्य अतिथि बृजेश पाठक एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ मंच पर उपस्थित बृजेश पाठक, दयाशंकर सिंह व अन्य अतिथियों का स्वागत के .सी .जैन अध्यक्ष जेपी वाहिनी द्वारा अंग वस्त्र भेंट कर व माल्यार्पण कर किया गया,
 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बृजेश पाठक ने आयोजित गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए कहा कि जयप्रकाश ने दो तरह की लड़ाइयां लड़ी एक लड़ाई उन्होंने भारत देश की आजादी के लिए लड़ी तो दूसरी लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ी उन्होंने कभी भी अपने विचारों से सत्ता में बैठे हुए लोगों के साथ समझौता नहीं किया और जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी द्वारा लगातार जनता का शोषण हो रहा था तब उन्होंने सत्ता के खिलाफ जाकर लड़ाई लड़ी और परिणाम स्वरूप इंदिरा जी द्वारा आपातकाल लगा दिया गया और जब आपातकाल खत्म हुआ और चुनाव हुआ तो आखिर में इन आपातकाल सेनानियों की जीत हुई और इंदिरा जी को सत्ता से हाथ धोना पड़ा,
 साथ ही कार्यक्रम आयोजन के .सी .जैन एडवोकेट की इस बात के लिए सराहना की कि लगातार जेपी जी को उनके द्वारा याद किया जाता है और इस तरह की विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाता है
 कार्यक्रम में लोकनायक "जयप्रकाश नारायण एक स्वतंत्रता सेनानी व लोकतंत्र के सजक प्रहरी (आपातकालीन )"विषय पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य वक्ता बेजनाथ रावत अध्यक्ष एससी एसटी आयोग ने अपने विचार रखते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण हमेशा जनता की लड़ाई लड़ते रहे और इंदिरा गांधी की भ्रष्ट व तानाशाही सरकार के खिलाफ पटना के गांधी मैदान में उनके आहवाहन पर जनता इकट्ठा हुई उससे तत्कालीन इंदिरा जी की सरकार की न्यू हिल गई और 26 जून 1975 को उन्होंने आपातकाल की घोषणा कर दी,
 कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार रखे, कार्यक्रम के आयोजन /संयोजक के सी जैन एडवोकेट ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण कभी भी सत्ता लोलुप नहीं रहे उनको कई बार सरकार में बड़े पदों का ऑफर दिया गया यहां तक एक बार उन्हें राष्ट्रपति पद पर भी बैठने के लिए विचार बने, और और आपातकाल के बाद जब पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी तब भी उन्होंने सत्ता में कोई भी पद लेने से इनकार कर दिया वह राजनीति में एक बात ऐसे व्यक्ति रहे है जिन्होंने तीन तरह की लड़ाइयां लड़ी एक तो भारत देश की स्वतंत्रता संग्राम की और दूसरी विनोबा भावे जी के साथ मिलकर भूदान आंदोलन में शामिल रहे और उसके बाद जब स्वतंत्र देश की सत्ता भ्रष्ट हुई तो उसके खिलाफ आपातकालीन आंदोलन में भी शामिल रहे। कार्यक्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारत दीक्षित जी ने सबका धन्यवाद ज्ञापित किया।
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